Poems

अँधेरा

रात के अँधेरे में एक आहट सुनाई  देती एक आहट जो मुझे डरा देती हैअँधेरे से डर तो हमेशा ही लगता थाअँधेरे में जाने से दिल डरता था पर अब ये डर थोडा बढ़ गया है डर की वजह भी बढ़ गयी है मैं सुबह का इंतज़ार करती हूँ रात भर सोने से डरती हूँसवेरा तो आ जाता है पर सुबह नहीं आती… Continue reading अँधेरा